थोडा अजनबी रहने दो
अब मुझे यु ही तन्हा रहने दो
वक़त बितता है जैसे कोई
बिता साल हो
मे तुम्हारे बिना अधुरा हु
मुझे अधुरा ही रहने दो
आखरी बार का अलविदा
कोई नही भूला करता
मुझे यु ही तुम्हारे गले
से लिपट कर रोने दो
हर बात को मानना है
जैसे कोई आदेश है
जिंदगी ऐसी ही है
इसे ऐसे ही चलने दो
Hasi Rana
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