मोहब्बत अभी बाकि है || love hindi poetry
ये जो तर्क लगाया करते हो
न जाने किसको समजाया करते हो
गफलत से भरी दुनिया में
न जाने किसको मनाया करते हो
बड़ी उलाजी है दुनिया तुम्हारी लिए
तुम अपने बाल सुलजाया
करो यही काफी है
तुम हमें असे ना देखा करो
मोहब्बत अभी बाकि है
फासले अभी कुछ बाकि है
कुछ बाते है जो अब भी जरुरी है
हालत कैसे होगे मुझे इसका
कोई अंदाजा नही
Radhe...
.jpg)
Comments
Post a Comment