Sad Poetry in Hindi
निगाहे
निगाहों से निगाहे ना मिला ना
कर्ज ना लेना मोहब्बत का
बेवजा दर्द ओर सुकून ना लूटना
किसी ओर पे
बाद मे न पछता ना
तबाही पर
तबाही होगी ना आवाज आयेगी
ना आवाज दे पाओगे
अपनी तबाही का तमासा देखते रह जाओ गे
ना तुम गुनहगार होंगे ना ओर किसी को कहो गे
ता-उम्र वजा खोज ते रह जाओ गे
वो गलत था या तुम
ये तेय ना कर पाओगे
बस एक आग मे जलते रह जाओ गे
दिन के एक पल मे
ज़िंदगी के एक पल मे
वो अहेसास हमेशा साथ चलता है
Radhe...

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