Sad Poetry in Hindi
बेहतर होगा में तुम्हे भूल जाऊ
बेहतर होगा में तुम्हे भूल जाऊ
मजीद और दर्द ना दू तुमे
और दर्द ना सहु में
इतजार के वो कुछ लम्हों को
बेहतरी से जी लू में
बेहतर होगा में तुम्हे भूल जाऊ
बेहाल से हालत से गुजर जाऊ में
अब वो यादो को याद कर के आसू ना बहाऊ में
ना ही तुम्हारे दिए वादों को निभाऊ में
बेहतर होगा में तुम्हे भूल जाऊ
तन्हाई के इस मंजर को तन्हा रहकर गुजरू में
और किसीको गेम सारिख में
अब ना सामिल करूगा में
बेहतर होगा में तुम्हे भूल जाऊ
दुवा करना की ये इबादत के दिन
अच्छे और तुम्हे भूलने में कमियाबी दे मुझे
तेरे वो हसीन अहेसास को
हर एक लब्ज को
साथ गुजरे हुए वक़्त को यही
छोड़ कर हमेशा के लिए
दफ़न कर दुगा में
बेहतर होगा में तुम्हे भूल जाऊ
ताकि तेरी यादो के दरिया का तूफान
रोक सकू में
बेहतर होगा में तुम से दूर रहू में
मुबारक हो आपको नयी जिंदगी
हम से ज्यादा चाहने वाली मिले आपको
हम तो खुश हे आपके आशिक बन के
अब ....
बेहतर होगा में तुम्हे भूल जाऊ
Radhe...
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