बाल सखा कृष्णे संग नित उधम मचाये देख गोपी की मटकिया फोड़ने को कंकर उठाये गोपी नज़र प…
ये जो तर्क लगाया करते हो न जाने किसको समजाया करते हो गफलत से भरी दुनिया में न जाने क…
मैं तंग हूं दूसरों से कहीं ज्यादा खुद से दूसरों के मसलो के बेहतरीन इलाज होगे मेरे पास …
बहारे तुम से पूछकर अपना पता बदलती है क्या bahare tumse puchh apna pta badlati hai kya…
अक्सर लोग बहक जाते है और नजाने क्या कह और कर जाते है फिर बाद मै उन्हें लगता है कुछ ज्य…
जब जिंदगी से उखता जाता है इंसान तब उसे लगने लगता है की कोई मेरा नही है और वो खुद की तल…
जब रिश्ता टूटता है तब इस बात पर इंसान बहोत दुखी होता वो बीते हुए लम्हों को याद करता है…
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