मेरी उजड़ी जिंदगी का ख्वाब हो तुम | Hindi Love Kavita
खामोश निगाहों से तुम्हे देखते रहना यही अच्छा लगने लगा है तुम कहे बिना चाहना तुम्हे चाहना जैसे मेरा काम बन गया है
बेताब सी इन आँखों को, जैसे कोई हसीं ख्वाब मिल गया, तलाश में भटके एक नास्तिक को, जैसे आज खुदा मिल गया। ना चाहते हुए भी आखिर, मुझ जैसे शख्स को प्यार हो गया। ढूंढता रहा जिसे हर राह में आज तक, वो शख्स एक दिन न जाने कैसे टकरा गया। मैं बस देखता रहा उसको हैरान सा, और वो मेरे पास से गुजर गया। ना जाने किस जन्मों का पुण्य मिला मुझे, जिंदगी के अंधेरों में रोशनी से भरा चिराग मिला
मेरी उजड़ी हुई जिंदगी का कोई ख्वाब मिला है जैसे मेरी जिंदगी कोई नया आगाज मिला है
तुम हे पा कर मेरी अंतिम क्षण को श्वास मिला है तुम हे पा कर कभी ना दूर हु में बस...आखरी मेरी यही दिली तम्मना है
Comments
Post a Comment